श्रावक संस्कार शिविर नियम
July 23, 2025 2025-08-13 6:40श्रावक संस्कार शिविर नियम
शिविर निर्देशक
ब्रह्मचारी श्री अभिषेक भैया जी (हैदराबाद), ब्रह्मचारी श्री रवीन्द्र भैया जी (कोटा)
शिविर के नियम
- शिविर में 13 वर्ष से अधिक की आयु वाले महिला पुरुष भाग ले सकते हैं।
- पुरुष वर्ग को धोती-दुपट्टा, अंतरंग वस्त्र, एक चटाई तथा चादर के अलावा, अन्य सभी वस्त्रों का त्याग करना होगा।
- दरी अथवा चटाई पर सोना होगा। मोबाईल का उपयोग पूर्णतः वर्जित है, अतः अपने पास मोबाईल नहीं रखना होगा।
- रूपया पैसा एवं अन्य कीमती सामान आदि कार्यालय में जमा कराकर रसीद लेनी होगी, अपने पास रूपया पैसा नहीं रखना होंगे।
- बाहर वालों को कक्षा तथा प्रवचन आदि में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना होगा।
- दिन में एक बार भोजन एवं शाम को जलपान, दवाई आदि ले सकेंगे।
- शिविरार्थियों को रात्रि 10 बजे से प्रातः 4 बजे तक मौन रहना होगा।
- शिविर स्थान, निवास स्थान एवं मंदिर जी को छोड़कर किसी अन्य स्थान आना-जाना नहीं करना होगा।
- शिविरार्थियों के लिए शुद्ध भोजन की व्यवस्था भटार जैन समाज एवं पुण्यार्जक के माध्यम से की जायेगी।
- सभी शिविरार्थियों को बैग, पुस्तक, पेन, कापी आदि सामग्री आयोजकों द्वारा प्रदान की जावेगी।
- शिविरार्थी दाढ़ी एवं बालकटिंग नहीं करा सकेंगे, एवं जूता चप्पल आदि का पूर्ण त्याग रहेगा।
- स्नान एवं वस्त्रों को साफ करने में साबुन का उपयोग न करें तो बहुत ही अच्छा रहेगा अथवा करें तो विवेकपूर्वक सीमित मात्रा में ही करें।
- अनुशासन, शांति एवं एकता बनाये रखना होगी। इन दिनों में आप शिविर में मात्र शरीर से नहीं, मन से भी साधना करना।
- शिविर में केवल पंजीकृत महिला पुरूष वर्ग ही नियमित रूप से भाग लेगें। शिविर के बाहर से आने वाले श्रावक -श्राविकायें कक्षा एवं प्रवचन आदि कार्यक्रमों में उपस्थित होकर धर्म लाभ ले सकेंगें।
- आवेदन पत्र अंतिम तिथि 20.08.2025 तक जमा करना अनिवार्य है। शिविर समापन की तिथि 07.09.2025
- शिविर काल में शिविरार्थी परिवार के लोगों से अनावश्यक मिलना जुलना एवं चर्चा नहीं कर सकेंगें।
- किसी भी प्रकार की अनियमितता पायी जाने पर उन्हें शिविर से बाहर निकाला जा सकता है।
- मुनिश्री के निर्देश से नियमों में स्थिति, परिस्थिति के अनुसार परिवर्तन संभव है।
- श्रावक संस्कार शिविर में महिलाओं के लिए घर पर रहने और भोजन की अनुमति होगी, शिविर में सम्मिलित होने के लिए उन्हें शिविर के लिए निर्धारित साड़ी पहनकर आना होगा।